शिव मंत्र जप में तर्जनी अंगुली का उपयोग क्यों वर्जित है?
का सरल उत्तर
सरल उत्तर
तर्जनी = अहंकार का प्रतीक। मंत्र जप में अहंकार त्याग आवश्यक, इसलिए तर्जनी से माला स्पर्श वर्जित। सही विधि: अंगूठा + मध्यमा अंगुली से माला फेरें। अनामिका: मोक्ष जप। तर्जनी: केवल अभिचार कर्म (सामान्य भक्त हेतु वर्जित)। गोमुखी में जप करने से तर्जनी स्वतः बाहर रहती है।
सम्पूर्ण उत्तर
विस्तृत प्रश्न पृष्ठ देखें
मूल प्रश्न का सम्पूर्ण शास्त्रीय उत्तर एक स्थान पर।
श्रेणी
शिव मंत्र
इस श्रेणी के अन्य प्रश्नोत्तर।