शिव पूजा से आत्मज्ञान कैसे प्राप्त होता है?
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सरल उत्तर
शिव पूजा से आत्मज्ञान: शिव = दक्षिणामूर्ति — ज्ञान के सर्वोच्च गुरु। शंकराचार्य: दक्षिणामूर्ति स्तोत्र — मौन से ज्ञान-दान। भस्म = अनित्य-बोध। काश्मीर शैव: 'अहं शिवः' — प्रत्यक्ष आत्मज्ञान। पंचाक्षरी: 'नमः' = अहंकार-विसर्जन → आत्मज्ञान का द्वार।
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