का सरल उत्तर
पौराणिक: समुद्र मंथन — विष शांत करने हेतु शिव को धतूरा अर्पित। विष ही विष काटता है। प्रकृति पूजा — त्याज्य वस्तु भी शिव-प्रिय। तांत्रिक: राहु-केतु दोष शांति। शत्रु नाश, बाधा निवारण। तमोगुण का शिव को समर्पण। फल और सफेद फूल दोनों अर्पित करें। स्वयं सेवन कभी न करें — विषैला है।
मूल प्रश्न का सम्पूर्ण शास्त्रीय उत्तर एक स्थान पर।
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