का सरल उत्तर
श्राद्ध हमेशा दोपहर में करना चाहिए। 'कुतप मुहूर्त' (11:36 AM-12:24 PM) और 'रोहिणी मुहूर्त' (12:24 PM-01:12 PM) पूजा और पिंडदान के लिए सबसे श्रेष्ठ माने जाते हैं।
मूल प्रश्न का सम्पूर्ण शास्त्रीय उत्तर एक स्थान पर।
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