का सरल उत्तर
श्वेताश्वतर उपनिषद (6.11): 'एको देवः सर्वभूतेषु गूढः... साक्षी चेता केवलो निर्गुणश्च' — एक ही देव सभी प्राणियों में छिपा है, वह साक्षी, चैतन्य, विशुद्ध और गुणों से परे है।
मूल प्रश्न का सम्पूर्ण शास्त्रीय उत्तर एक स्थान पर।
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