का सरल उत्तर
श्वेताश्वतर उपनिषद = शिव तत्त्व और ब्रह्म विद्या का सर्वाधिक गहन-प्रामाणिक वर्णन। 6 अध्याय: जगत का मूल कारण, ध्यानयोग, परमात्मा की सर्वव्यापकता। उपासना = बाह्य क्रिया नहीं, आत्मा को परमात्मा से मिलाने की आंतरिक यात्रा।
मूल प्रश्न का सम्पूर्ण शास्त्रीय उत्तर एक स्थान पर।
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