ॐ नमः शिवाय  |  जय श्री राम  |  हरे कृष्ण
सरल उत्तर

संध्या वंदन छोड़ने का क्या पाप लगता है शास्त्रों में?

का सरल उत्तर

सरल उत्तर

संध्या छोड़ना: मनुस्मृति — 'शूद्रवत्' (कर्तव्यच्युत)। 3 दिन छोड़ने = 'पतित।' नित्य कर्म = प्राणवत्। व्यावहारिक: न कर सकें = गायत्री 108 जप/दिन। सरल संध्या = स्नान+आचमन+गायत्री+सूर्य अर्घ्य (10-15 मिनट)।

सम्पूर्ण उत्तर
विस्तृत प्रश्न पृष्ठ देखें

मूल प्रश्न का सम्पूर्ण शास्त्रीय उत्तर एक स्थान पर।

श्रेणी
वैदिक कर्मकांड

इस श्रेणी के अन्य प्रश्नोत्तर।