का सरल उत्तर
श्री विद्या में देवी आवाहन: सुपारी में प्रतिष्ठित करके आवाहन। फिर पंचोपचार या षोडशोपचार विधि से पूजन। न्यास, मुद्राएँ और विशेष मंत्रों का पाठ — अभिन्न अंग।
मूल प्रश्न का सम्पूर्ण शास्त्रीय उत्तर एक स्थान पर।
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