तपस्या क्या है?
का सरल उत्तर
सरल उत्तर
तपस्या (तप) का अर्थ है शरीर, मन और वाणी पर कठोर अनुशासन लगाकर आत्मशुद्धि करना। गीता में तीन प्रकार के तप बताए गए हैं — शारीरिक, वाचिक और मानसिक। यह अष्टांग योग के नियमों में से एक है।
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