का सरल उत्तर
तारापीठ (पश्चिम बंगाल): माँ तारा की पूजा = वामाचार पद्धति। पंचमकार (मद्य-मांस-मत्स्य-मुद्रा-मैथुन) का भोग। पहले मंत्रों से शुद्धि + विशेष पूजा विधान।
मूल प्रश्न का सम्पूर्ण शास्त्रीय उत्तर एक स्थान पर।
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