का सरल उत्तर
तिल दान: जितने तिल दान = उतने सहस्र वर्ष स्वर्ग। फल: पापों का क्षय और परलोक में सद्गति। दान योग्य पात्र: संयमी ब्राह्मण और दरिद्र।
मूल प्रश्न का सम्पूर्ण शास्त्रीय उत्तर एक स्थान पर।
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