का सरल उत्तर
तीसरे नवरात्र की पूजा: सुवर्ण (स्वर्ण) रंग के वस्त्र धारण करें। दूध से बनी मिठाई का भोग (शीतल कृपा का प्रतीक)। फल: सभी पाप-बाधाएँ दूर + जीवन में स्वर्गीय सुख।
मूल प्रश्न का सम्पूर्ण शास्त्रीय उत्तर एक स्थान पर।
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