तंत्र में गुरु परंपरा का क्या महत्व है?
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सरल उत्तर
गुरु परंपरा = तंत्र रीढ़। शक्ति: गुरु→शिष्य अखंड श्रृंखला। शुद्ध ज्ञान (मुखतः), सुरक्षा, पात्रता परीक्षण। कुलार्णव: शिव→शक्ति→गुरु→शिष्य। आगम-कल्पद्रुम: माता दीक्षा = 8 गुना फलदायी।
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