तंत्र में काम्य कर्म क्या होते हैं?
का सरल उत्तर
सरल उत्तर
काम्य = इच्छापूर्ति कर्म (करें=फल, न करें=दोष नहीं)। उदाहरण: लक्ष्मी (धन), संतान गोपाल, महामृत्युंजय (रोग), बगलामुखी (शत्रु)। गीता: निष्काम > काम्य। तंत्र: काम्य मान्य (भोग से योग), अंतिम लक्ष्य = मोक्ष।
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