तंत्र में वस्त्रधारी साधना और दिगम्बर साधना में क्या अंतर है
का सरल उत्तर
सरल उत्तर
वस्त्रधारी = दक्षिणाचार: शुद्ध वस्त्र, सात्विक, शाकाहार, घर/मन्दिर, सभी हेतु। दिगम्बर = वामाचार: निर्वस्त्र, उग्र, पंचमकार, शमशान, केवल दीक्षित। लक्ष्य दोनों का एक = मोक्ष/शक्ति जागरण। दक्षिणाचार = सुरक्षित और अधिकांश हेतु उपयुक्त।
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तंत्र साधना
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