ॐ नमः शिवाय  |  जय श्री राम  |  हरे कृष्ण
चेकलिस्ट

तंत्र में वस्त्रधारी साधना और दिगम्बर साधना में क्या अंतर है

की चेकलिस्ट

वस्त्रधारी = दक्षिणाचार: शुद्ध वस्त्र, सात्विक, शाकाहार, घर/मन्दिर, सभी हेतु। दिगम्बर = वामाचार: निर्वस्त्र, उग्र, पंचमकार, शमशान, केवल दीक्षित। लक्ष्य दोनों का एक = मोक्ष/शक्ति जागरण। दक्षिणाचार = सुरक्षित और अधिकांश हेतु उपयुक्त।

  1. 1साधक शुद्ध वस्त्र (प्रायः लाल, श्वेत, पीला) पहनकर साधना करता है।
  2. 2सात्विक मार्ग — शाकाहार, शुद्धता, नियम-संयम प्रधान।
  3. 3मंत्र जप, यंत्र पूजा, हवन, ध्यान — परम्परागत विधि से।
  4. 4सभी साधकों हेतु उपयुक्त — गृहस्थ भी कर सकते हैं।
  5. 5देवी (दुर्गा, लक्ष्मी, सरस्वती), शिव, विष्णु साधना।
  6. 6निर्वस्त्र अवस्था में साधना।
  7. 7उग्र/तामसिक मार्ग — पंचमकार (मद्य, मांस, मत्स्य, मुद्रा, मैथुन) का प्रतीकात्मक/वास्तविक प्रयोग।
  8. 8शमशान/एकान्त में।
  9. 9दश महाविद्या (काली, तारा, छिन्नमस्ता आदि) की विशिष्ट साधना।
  10. 10केवल अत्यन्त उन्नत, दीक्षित साधकों हेतु।
सम्पूर्ण उत्तर
विस्तृत प्रश्न पृष्ठ देखें

मूल प्रश्न का सम्पूर्ण शास्त्रीय उत्तर एक स्थान पर।

श्रेणी
तंत्र साधना

इस श्रेणी के अन्य प्रश्नोत्तर।