का सरल उत्तर
अनुष्ठान अधूरा = मंत्र दोष, ऊर्जा असंतुलन। नाम जप छोड़ना = कोई दंड नहीं (पुनः आरंभ)। संकल्प अनुष्ठान = गुरु से प्रायश्चित्त। उग्र तांत्रिक = गुरु परामर्श अनिवार्य। छोड़ने से पहले गुरु से बात।
मूल प्रश्न का सम्पूर्ण शास्त्रीय उत्तर एक स्थान पर।
इस श्रेणी के अन्य प्रश्नोत्तर।