का सरल उत्तर
बीज मंत्र = एकाक्षरी ध्वनि, देवता शक्ति का सार (ह्रीं/श्रीं/क्रीं/ऐं)। मूल मंत्र = सम्पूर्ण मंत्र (ॐ + बीज + देवता नाम + नमः)। बीज = केन्द्रित ऊर्जा, उन्नत, गुरु दीक्षा अनिवार्य। मूल = सामान्य जप, बीज मूल के भीतर समाहित। उदाहरण: 'ॐ क्रीं कालिकायै नमः' — 'क्रीं' बीज, पूरा = मूल।
मूल प्रश्न का सम्पूर्ण शास्त्रीय उत्तर एक स्थान पर।
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