का सरल उत्तर
तंत्र में गुरु इसलिए जरूरी: मंत्र पुस्तक से नहीं, गुरु मुख से जीवंत होता है; शक्तिपात से परंपरा की ऊर्जा मिलती है; व्यक्तिगत साधना क्रम का मार्गदर्शन; साधना की कठिनाइयों में संरक्षण। भक्ति मार्ग में गुरु अनिवार्य नहीं — देवी स्वयं गुरु हैं।