का सरल उत्तर
त्रिपुर भैरवी के हाथों में जपमाला, पुस्तक, वर और अभय मुद्रा होती है — पुस्तक और माला यह दर्शाते हैं कि वे परम ज्ञान और साधना की अधिष्ठात्री हैं।
मूल प्रश्न का सम्पूर्ण शास्त्रीय उत्तर एक स्थान पर।
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