त्रिपुर भैरवी साधना से कुंडलिनी जागरण कैसे होता है?
का सरल उत्तर
सरल उत्तर
माँ त्रिपुर भैरवी मूलाधार चक्र की कुंडलिनी शक्ति का प्रतिनिधित्व करती हैं — उनकी साधना से सुप्त कुंडलिनी जाग्रत होकर ऊर्ध्वगामी होती है और चेतना का विस्तार होता है।
सम्पूर्ण उत्तर
विस्तृत प्रश्न पृष्ठ देखें
मूल प्रश्न का सम्पूर्ण शास्त्रीय उत्तर एक स्थान पर।
श्रेणी
सिद्धियाँ और लाभ
इस श्रेणी के अन्य प्रश्नोत्तर।