का सरल उत्तर
माँ त्रिपुर भैरवी मूलाधार चक्र की कुंडलिनी शक्ति का प्रतिनिधित्व करती हैं — उनकी साधना से सुप्त कुंडलिनी जाग्रत होकर ऊर्ध्वगामी होती है और चेतना का विस्तार होता है।
मूल प्रश्न का सम्पूर्ण शास्त्रीय उत्तर एक स्थान पर।
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