का सरल उत्तर
त्रिपुर भैरवी की उग्र प्रकृति: साधक के भीतर की दमित ऊर्जाओं और भयों को सतह पर लाती है → उनका सामना करके और रूपांतरित करके → आध्यात्मिक प्रगति संभव होती है।
मूल प्रश्न का सम्पूर्ण शास्त्रीय उत्तर एक स्थान पर।
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