का सरल उत्तर
त्रिशूल के तीन शूल = सृजन, संरक्षण और विनाश। साथ ही तीन तापों (आध्यात्मिक, अधिभौतिक, अधिदैविक) और त्रिगुणों (सत्त्व, रजस, तमस) पर शिव के पूर्ण नियंत्रण का प्रतीक।
मूल प्रश्न का सम्पूर्ण शास्त्रीय उत्तर एक स्थान पर।
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