का सरल उत्तर
उच्छिष्ट चांडालिनी मंत्र: (1) 'ऐं नमः उच्छिष्ट चांडालि मातंगी सर्ववशंकरी स्वाहा।' (2) 'नमः उच्छिष्ट चांडालि मातंगी सर्ववशंकरी स्वाहा।' (3) 'ॐ ह्रीं ऐं श्रीं नमो भगवति उच्छिष्टचांडालि श्रीमातंगेश्वरि सर्वजन वशंकरि स्वाहा।'
मूल प्रश्न का सम्पूर्ण शास्त्रीय उत्तर एक स्थान पर।
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