उपनयन संस्कार यज्ञोपवीत कैसे होता है?
का सरल उत्तर
सरल उत्तर
उपनयन = गुरु के निकट ले जाना। ब्राह्मण 8, क्षत्रिय 11, वैश्य 12 वर्ष। विधि: मुंडन → हवन → तीन सूत्र जनेऊ धारण → गायत्री दीक्षा → दण्ड धारण → भिक्षा चर्या। तीन लड़ = गायत्री त्रिपदा। गृहस्थ छह सूत्र। यज्ञोपवीत आजीवन।
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