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सरल उत्तर

उपनिषद में योग का वर्णन कैसे है?

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कठोपनिषद (6/10-11) — 'इंद्रियों की स्थिर धारणा ही योग है।' श्वेताश्वतर उपनिषद (2/8-13) में योग की विस्तृत विधि — एकांत स्थान, सीधी रीढ़, प्राण-नियंत्रण और ब्रह्म-चिंतन। मैत्र्युपनिषद (6/18) में षडंग योग बताया गया है।

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