वैदिक परंपरा में साक्षियों का क्या महत्व है?
का सरल उत्तर
सरल उत्तर
वैदिक परंपरा में कोई भी यज्ञ, व्रत या संकल्प तब तक पूर्ण नहीं माना जाता जब तक दिव्य साक्षियों की उपस्थिति में न किया जाए — साक्षी का दार्शनिक सिद्धांत अनुष्ठानों में प्रतिबिंबित होता है।
सम्पूर्ण उत्तर
विस्तृत प्रश्न पृष्ठ देखें
मूल प्रश्न का सम्पूर्ण शास्त्रीय उत्तर एक स्थान पर।
श्रेणी
साक्षी का तत्व दर्शन
इस श्रेणी के अन्य प्रश्नोत्तर।