वेदों में धर्म का अर्थ क्या है?
का सरल उत्तर
सरल उत्तर
वेदों में धर्म का मूल रूप 'ऋत' है — ब्रह्मांडीय सत्य-व्यवस्था जिसे वरुण देव संरक्षित करते हैं। 'धारयति इति धर्मः' — जो धारण करे, वह धर्म। मनुस्मृति (2/6) — 'वेदोऽखिलो धर्ममूलम्' — सम्पूर्ण वेद ही धर्म का मूल है।
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