विवाह में ध्रुव तारा और अरुंधति तारा क्यों दिखाते हैं?
का सरल उत्तर
सरल उत्तर
ध्रुव तारा: स्थिरता (विवाह अचल), भक्त ध्रुव (दृढ़ संकल्प)। अरुंधति: पातिव्रत्य (वशिष्ठ पत्नी), आदर्श दम्पत्ति (सदा साथ), सूक्ष्म दृष्टि परीक्षा। विधि: सप्तपदी बाद, उत्तर दिशा। 'ध्रुवमसि ध्रुवं...' मंत्र।
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