का सरल उत्तर
यमराज की सभा में हर कर्म का अकाट्य लेखा प्रस्तुत होता है, इसलिए इसे पारलौकिक न्यायालय कहा गया है।
मूल प्रश्न का सम्पूर्ण शास्त्रीय उत्तर एक स्थान पर।
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