भगवद्गीता — श्लोक और अर्थ सहित
श्रीमद्भगवद्गीता के अठारह अध्यायों के सभी श्लोक — मूल संस्कृत, हिन्दी अनुवाद और भावार्थ सहित।
रचयिता — महर्षि वेद व्यास · कुल 701 पद/श्लोक
श्रीमद्भगवद्गीता के अध्याय
अठारह अध्यायों के सात सौ श्लोक — मूल संस्कृत, हिन्दी अनुवाद और भावार्थ।
अर्जुन विषाद योग
Arjuna Vishada Yoga
सांख्य योग
Sankhya Yoga
कर्म योग
Karma Yoga
ज्ञान कर्म संन्यास योग
Jnana Karma Sanyasa Yoga
कर्म संन्यास योग
Karma Sanyasa Yoga
आत्म संयम योग
Atma Samyama Yoga
ज्ञान विज्ञान योग
Jnana Vijnana Yoga
अक्षर ब्रह्म योग
Akshara Brahma Yoga
राजविद्या राजगुह्य योग
Rajavidya Rajaguhya Yoga
विभूति योग
Vibhuti Yoga
विश्वरूप दर्शन योग
Vishwarupa Darshana Yoga
भक्ति योग
Bhakti Yoga
क्षेत्र क्षेत्रज्ञ विभाग योग
Kshetra Kshetrajna Vibhaga Yoga
गुणत्रय विभाग योग
Gunatraya Vibhaga Yoga
पुरुषोत्तम योग
Purushottama Yoga
दैवासुर सम्पद् विभाग योग
Daivasura Sampad Vibhaga Yoga
श्रद्धात्रय विभाग योग
Shraddhatraya Vibhaga Yoga
मोक्ष संन्यास योग
Moksha Sanyasa Yoga
श्रीमद्भगवद्गीता के बारे में
श्रीमद्भगवद्गीता महर्षि वेद व्यास द्वारा रचित सनातन परम्परा का अद्वितीय ग्रंथ है। इसे काल-कालान्तर से भक्तगण नित्य पाठ करते आए हैं। इस ग्रंथ का प्रत्येक पद आत्मिक उन्नति, धर्म, मोक्ष और भगवद-भक्ति की दिशा में मार्गदर्शक है।
ऊपर दिए गए अध्यायों पर क्लिक करके आप उनसे सम्बंधित समस्त चौपाई/श्लोकों का मूल पाठ, सरल हिन्दी अर्थ और विस्तृत व्याख्या पढ़ सकते हैं।