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श्रीरामचरितमानस · अयोध्या काण्ड

अयोध्या काण्ड दोहा 119

अयोध्या काण्ड · Ayodhya Kaand

मूल पाठ

जौं ए मुनि पट धर जटिल सुंदर सुठि सुकुमार। बिबिध भाँति भूषन बसन बादि किए करतार॥119॥

अ
हिन्दी अर्थ

सरल भावार्थ

जो ये सुंदर और अत्यन्त सुकुमार होकर मुनियों के (वल्कल) वस्त्र पहनते और जटा धारण करते हैं, तो फिर करतार (विधाता) ने भाँति-भाँति के गहने और कपड़े वृथा ही बनाए॥119॥

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