रामचरितमानस
लंका काण्ड
Lanka Kaand
गोस्वामी तुलसीदास द्वारा रचित श्रीरामचरितमानस के सात काण्डों के सम्पूर्ण दोहे, चौपाइयाँ और छंद — सरल हिन्दी अर्थ और विस्तृत व्याख्या सहित।
रचयिता — गोस्वामी तुलसीदास · कुल 4,451 पद/श्लोक
श्रीराम की दिव्य लीला, बाल काण्ड से उत्तर काण्ड तक — हर चौपाई और दोहा सरल हिन्दी अर्थ सहित।
Baal Kaand
Ayodhya Kaand
Aranya Kaand
Kishkindha Kaand
Sundar Kaand
Lanka Kaand
Uttar Kaand
श्रीरामचरितमानस गोस्वामी तुलसीदास द्वारा रचित सनातन परम्परा का अद्वितीय ग्रंथ है। इसे काल-कालान्तर से भक्तगण नित्य पाठ करते आए हैं। इस ग्रंथ का प्रत्येक पद आत्मिक उन्नति, धर्म, मोक्ष और भगवद-भक्ति की दिशा में मार्गदर्शक है।
ऊपर दिए गए काण्डों पर क्लिक करके आप उनसे सम्बंधित समस्त चौपाई/श्लोकों का मूल पाठ, सरल हिन्दी अर्थ और विस्तृत व्याख्या पढ़ सकते हैं।