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श्रीरामचरितमानस · अयोध्या काण्ड

अयोध्या काण्ड दोहा 179

अयोध्या काण्ड · Ayodhya Kaand

मूल पाठ

कारन तें कारजु कठिन होइ दोसु नहिं मोर। कुलिस अस्थि तें उपल तें लोह कराल कठोर॥179॥

अ
हिन्दी अर्थ

सरल भावार्थ

कारण से कार्य कठिन होता ही है, इसमें मेरा दोष नहीं। हड्डी से वज्र और पत्थर से लोहा भयानक और कठोर होता है॥179॥

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