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श्रीरामचरितमानस · अयोध्या काण्ड

अयोध्या काण्ड दोहा 99

अयोध्या काण्ड · Ayodhya Kaand

मूल पाठ

रथु हाँकेउ हय राम तन हेरि हेरि हिहिनाहिं। देखि निषाद बिषाद बस धुनहिं सीस पछिताहिं॥99॥

अ
हिन्दी अर्थ

सरल भावार्थ

सुमंत्र ने रथ को हाँका, घोड़े श्री रामचन्द्रजी की ओर देख-देखकर हिनहिनाते हैं। यह देखकर निषाद लोग विषाद के वश होकर सिर धुन-धुनकर (पीट-पीटकर) पछताते हैं॥99॥

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