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श्रीरामचरितमानस · लंका काण्ड

लंका काण्ड दोहा 108

लंका काण्ड · Lanka Kaand

मूल पाठ

तेहि कारन करुनानिधि कहे कछुक दुर्बाद। सुनत जातुधानीं सब लागीं करै बिषाद॥108॥

हिन्दी अर्थ

सरल भावार्थ

इसी कारण करुणा के भंडार श्री रामजी ने लीला से कुछ कड़े वचन कहे, जिन्हे सुनकर सब राक्षसियाँ विषाद करने लगीं॥108॥

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श्रीरामचरितमानस दोहा 108 लंका काण्ड — हिन्दी अर्थ सहित | Pauranik