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श्रीरामचरितमानस · लंका काण्ड

लंका काण्ड दोहा 112

लंका काण्ड · Lanka Kaand

मूल पाठ

अनुज जानकी सहित प्रभु कुसल कोसलाधीस। सोभा देखि हरषि मन अस्तुति कर सुर ईस॥112॥

हिन्दी अर्थ

सरल भावार्थ

छोटे भाई लक्ष्मणजी और जानकीजी सहित परम कुशल प्रभु श्रीकोसलाधीश की शोभा देखकर देवराज इंद्र मन में हर्षित होकर स्तुति करने लगे-॥112॥

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श्रीरामचरितमानस दोहा 112 लंका काण्ड — हिन्दी अर्थ सहित | Pauranik