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श्रीरामचरितमानस · लंका काण्ड

लंका काण्ड दोहा 114

लंका काण्ड · Lanka Kaand

मूल पाठ

सुमन बरषि सब सुर चले चढ़ि चढ़ि रुचिर बिमान। देखि सुअवसर प्रभु पहिं आयउ संभु सुजान॥114 (क)॥

हिन्दी अर्थ

सरल भावार्थ

फूलों की वर्षा करके सब देवता सुंदर विमानों पर चढ़-चढ़कर चले। तब सुअवसर जानकार सुजान शिवजी प्रभु श्रीरामचंद्रजी के पास आए- ॥114 (क)॥

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श्रीरामचरितमानस दोहा 114 लंका काण्ड — हिन्दी अर्थ सहित | Pauranik