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श्रीरामचरितमानस · लंका काण्ड

लंका काण्ड दोहा 25

लंका काण्ड · Lanka Kaand

मूल पाठ

तेहि रावन कहँ लघु कहसि नर कर करसि बखान। रे कपि बर्बर खर्ब खल अब जाना तव ग्यान॥25॥

हिन्दी अर्थ

सरल भावार्थ

उस (महान प्रतापी और जगत प्रसिद्ध) रावण को (मुझे) तू छोटा कहता है और मनुष्य की बड़ाई करता है? अरे दुष्ट, असभ्य, तुच्छ बंदर! अब मैंने तेरा ज्ञान जान लिया॥25॥

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श्रीरामचरितमानस दोहा 25 लंका काण्ड — हिन्दी अर्थ सहित | Pauranik