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श्रीरामचरितमानस · लंका काण्ड

लंका काण्ड दोहा 40

लंका काण्ड · Lanka Kaand

मूल पाठ

नानायुध सर चाप धर जातुधान बल बीर। कोट कँगूरन्हि चढ़ि गए कोटि कोटि रनधीर॥40॥

हिन्दी अर्थ

सरल भावार्थ

अनेकों प्रकार के अस्त्र-शस्त्र और धनुष-बाण धारण किए करोड़ों बलवान्‌ और रणधीर राक्षस वीर परकोटे के कँगूरों पर चढ़ गए॥40॥

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श्रीरामचरितमानस दोहा 40 लंका काण्ड — हिन्दी अर्थ सहित | Pauranik