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श्रीरामचरितमानस · लंका काण्ड

लंका काण्ड दोहा 42

लंका काण्ड · Lanka Kaand

मूल पाठ

बहु आयुध धर सुभट सब भिरहिं पचारि पचारि। ब्याकुल किए भालु कपि परिघ त्रिसूलन्हि मारि॥42॥

हिन्दी अर्थ

सरल भावार्थ

बहुत से अस्त्र-शस्त्र धारण किए, सब वीर ललकार-ललकारकर भिड़ने लगे। उन्होंने परिघों और त्रिशूलों से मार-मारकर सब रीछ-वानरों को व्याकुल कर दिया॥42॥

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श्रीरामचरितमानस दोहा 42 लंका काण्ड — हिन्दी अर्थ सहित | Pauranik