ॐ नमः शिवाय  |  जय श्री राम  |  हरे कृष्ण
श्रीरामचरितमानस · लंका काण्ड

लंका काण्ड दोहा 43

लंका काण्ड · Lanka Kaand

मूल पाठ

अंगद सुना पवनसुत गढ़ पर गयउ अकेल। रन बाँकुरा बालिसुत तरकि चढ़ेउ कपि खेल॥43॥

हिन्दी अर्थ

सरल भावार्थ

इधर अंगद ने सुना कि पवनपुत्र हनुमान्‌ किले पर अकेले ही गए हैं, तो रण में बाँके बालि पुत्र वानर के खेल की तरह उछलकर किले पर चढ़ गए॥43॥

आगे पढ़ें — लंका काण्ड के सभी पद · श्रीरामचरितमानस

श्रीरामचरितमानस दोहा 43 लंका काण्ड — हिन्दी अर्थ सहित | Pauranik