ॐ नमः शिवाय  |  जय श्री राम  |  हरे कृष्ण
श्रीरामचरितमानस · लंका काण्ड

लंका काण्ड दोहा 47

लंका काण्ड · Lanka Kaand

मूल पाठ

कछु मारे कछु घायल कछु गढ़ चढ़े पराइ। गर्जहिं भालु बलीमुख रिपु दल बल बिचलाइ॥47॥

हिन्दी अर्थ

सरल भावार्थ

कुछ मारे गए, कुछ घायल हुए, कुछ भागकर गढ़ पर चढ़ गए। अपने बल से शत्रुदल को विचलित करके रीछ और वानर (वीर) गरज रहे हैं॥47॥

आगे पढ़ें — लंका काण्ड के सभी पद · श्रीरामचरितमानस

श्रीरामचरितमानस दोहा 47 लंका काण्ड — हिन्दी अर्थ सहित | Pauranik