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श्रीरामचरितमानस · लंका काण्ड

लंका काण्ड दोहा 49

लंका काण्ड · Lanka Kaand

मूल पाठ

मेघनाद सुनि श्रवन अस गढ़ पुनि छेंका आइ। उतर्‌यो बीर दुर्ग तें सन्मुख चल्यो बजाइ॥49॥

हिन्दी अर्थ

सरल भावार्थ

मेघनाद ने कानों से ऐसा सुना कि वानरों ने आकर फिर किले को घेर लिया है। तब वह वीर किले से उतरा और डंका बजाकर उनके सामने चला॥49॥

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श्रीरामचरितमानस दोहा 49 लंका काण्ड — हिन्दी अर्थ सहित | Pauranik