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श्रीरामचरितमानस · लंका काण्ड

लंका काण्ड दोहा 5

लंका काण्ड · Lanka Kaand

मूल पाठ

बाँध्यो बननिधि नीरनिधि जलधि सिंधु बारीस। सत्य तोयनिधि कंपति उदधि पयोधि नदीस॥5॥

हिन्दी अर्थ

सरल भावार्थ

वननिधि, नीरनिधि, जलधि, सिंधु, वारीश, तोयनिधि, कंपति, उदधि, पयोधि, नदीश को क्या सचमुच ही बाँध लिया?॥5॥

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श्रीरामचरितमानस दोहा 5 लंका काण्ड — हिन्दी अर्थ सहित | Pauranik