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श्रीरामचरितमानस · लंका काण्ड

लंका काण्ड दोहा 65

लंका काण्ड · Lanka Kaand

मूल पाठ

अंगदादि कपि मुरुछित करि समेत सुग्रीव। काँख दाबि कपिराज कहुँ चला अमित बल सींव॥65॥

हिन्दी अर्थ

सरल भावार्थ

सुग्रीव समेत अंगदादि वानरों को मूर्छित करके फिर वह अपरिमित बल की सीमा कुंभकर्ण वानरराज सुग्रीव को काँख में दाबकर चला॥65॥

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श्रीरामचरितमानस दोहा 65 लंका काण्ड — हिन्दी अर्थ सहित | Pauranik