ॐ नमः शिवाय  |  जय श्री राम  |  हरे कृष्ण
श्रीरामचरितमानस · लंका काण्ड

लंका काण्ड दोहा 67

लंका काण्ड · Lanka Kaand

मूल पाठ

सुनु सुग्रीव बिभीषन अनुज सँभारेहु सैन। मैं देखउँ खल बल दलहि बोले राजिवनैन॥67॥

हिन्दी अर्थ

सरल भावार्थ

तब कमलनयन श्री रामजी बोले- हे सुग्रीव! हे विभीषण! और हे लक्ष्मण! सुनो, तुम सेना को संभालना। मैं इस दुष्ट के बल और सेना को देखता हूँ॥67॥

आगे पढ़ें — लंका काण्ड के सभी पद · श्रीरामचरितमानस

श्रीरामचरितमानस दोहा 67 लंका काण्ड — हिन्दी अर्थ सहित | Pauranik