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श्रीरामचरितमानस · लंका काण्ड

लंका काण्ड दोहा 73

लंका काण्ड · Lanka Kaand

मूल पाठ

गिरिजा जासु नाम जपि मुनि काटहिं भव पास। सो कि बंध तर आवइ ब्यापक बिस्व निवास॥73॥

हिन्दी अर्थ

सरल भावार्थ

(शिवजी कहते हैं-) हे गिरिजे! जिनका नाम जपकर मुनि भव (जन्म-मृत्यु) की फाँसी को काट डालते हैं, वे सर्वव्यापक और विश्व निवास (विश्व के आधार) प्रभु कहीं बंधन में आ सकते हैं?॥73॥

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श्रीरामचरितमानस दोहा 73 लंका काण्ड — हिन्दी अर्थ सहित | Pauranik