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श्रीरामचरितमानस · लंका काण्ड

लंका काण्ड दोहा 89

लंका काण्ड · Lanka Kaand

मूल पाठ

बहुरि राम सब तन चितइ बोले बचन गँभीर। द्वंदजुद्ध देखहु सकल श्रमित भए अति बीर॥89॥

अ
हिन्दी अर्थ

सरल भावार्थ

फिर श्री रामजी सबकी ओर देखकर गंभीर वचन बोले- हे वीरों! तुम सब बहुत ही थक गए हो, इसलिए अब (मेरा और रावण का) द्वंद्व युद्ध देखो॥89॥

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