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श्रीरामचरितमानस · सुन्दर काण्ड

सुन्दर काण्ड दोहा 35

सुन्दर काण्ड · Sundar Kaand

मूल पाठ

एहि बिधि जाइ कृपानिधि उतरे सागर तीर। जहँ तहँ लागे खान फल भालु बिपुल कपि बीर॥35॥

हिन्दी अर्थ

सरल भावार्थ

इस प्रकार कृपानिधान श्री रामजी समुद्र तट पर जा उतरे। अनेकों रीछ-वानर वीर जहाँ-तहाँ फल खाने लगे॥35॥

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श्रीरामचरितमानस दोहा 35 सुन्दर काण्ड — हिन्दी अर्थ सहित | Pauranik